From 2 lakh weekly visitors to Rs 250 crore annual donations, Khatu Shyam temple in Rajasthan's Sikar draws massive crowds and investment, with govt pumping Rs 350+ crore into infrastructure.
A sound tax system is one based on the ability to pay or economic surplus. But the STT taxes the circulation of capital and not its returns, making it deeply distortionary.
Exporters said the Budget’s proposals to increase duty-free import limits on processing, create 500 reservoirs and support fisheries startups will boost the marine industry.
With recruitments under Agnipath set to rise, the Union Budget has significantly increased spending, with the Army taking nearly 87% of the total outlay.
The key to fighting a war successfully, or even launching it, is a clear objective. That’s an entirely political call. It isn’t emotional or purely military.
भारत में मंदिर ज्ञान का केंद्र होने चाहिए न की अंधश्रद्धा का।मंदिर लोगो को आत्मज्ञान की तरफ प्रेरित करने चाहिए।ये सब चीजें धर्म के नाम पर की जा रही है जब की ये अहंकार को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।धर्म के नाम पर अधर्म का प्रचार हो रहा है।ये सब चीजें अशिक्षित समाज में ही चल सकती है।नेता लोग इस प्रकार की चीजों को बढ़ावा देते है और पैसा भी खूब देते है।क्योंकि लोगों को जितना मूर्ख रखा जाएगा इन नेताओ का फायदा होगा।अशिक्षित लोगों पर शासन करना आसान होता है।इसीलिए ये नेता लोग शिक्षा को लचर अवस्था में रखते है।धर्मगुरुओं का भी फायदा इसी में है की शिक्षा को लचर रखा जाए।वास्तव में ये लोग अधर्मगुरु है।इतना पैसा लोगों को शिक्षित करने में लगाया जाए। लोगों को वेदांत की शिक्षा दी जाए।लोगों को संत साहित्य,श्रीमदभगवद्गीता,उपनिषद पढ़ाए जाए।वेदांत पढ़ने के बाद ये मूर्खताएं अपनेआप बंद हो जाएगी।
भारत में मंदिर ज्ञान का केंद्र होने चाहिए न की अंधश्रद्धा का।मंदिर लोगो को आत्मज्ञान की तरफ प्रेरित करने चाहिए।ये सब चीजें धर्म के नाम पर की जा रही है जब की ये अहंकार को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।धर्म के नाम पर अधर्म का प्रचार हो रहा है।ये सब चीजें अशिक्षित समाज में ही चल सकती है।नेता लोग इस प्रकार की चीजों को बढ़ावा देते है और पैसा भी खूब देते है।क्योंकि लोगों को जितना मूर्ख रखा जाएगा इन नेताओ का फायदा होगा।अशिक्षित लोगों पर शासन करना आसान होता है।इसीलिए ये नेता लोग शिक्षा को लचर अवस्था में रखते है।धर्मगुरुओं का भी फायदा इसी में है की शिक्षा को लचर रखा जाए।वास्तव में ये लोग अधर्मगुरु है।इतना पैसा लोगों को शिक्षित करने में लगाया जाए। लोगों को वेदांत की शिक्षा दी जाए।लोगों को संत साहित्य,श्रीमदभगवद्गीता,उपनिषद पढ़ाए जाए।वेदांत पढ़ने के बाद ये मूर्खताएं अपनेआप बंद हो जाएगी।